यह इक सोज़-ए-क़लक़ है जो जलाती रही मुझे, जिससे लड़ते रहने की मुझ में और हिम्मत नहीं। यह इक सोज़-ए-क़लक़ है जो जलाती रही मुझे, जिससे लड़ते रहने की मुझ में और ह...
दुआ है तुझे मिला दे मेरे यार से.... दुआ है तुझे मिला दे मेरे यार से....
तुम में और हम में फर्क बस इतना हम हर खता भुला देते हैं.....। तुम में और हम में फर्क बस इतना हम हर खता भुला देते हैं.....।
इसी उम्मीद पर हम दोनों जिंदा है, तेरी याद आती है तो जाती नहीं..। इसी उम्मीद पर हम दोनों जिंदा है, तेरी याद आती है तो जाती नहीं..।
अब मेरे आशियाने की शोभा बढ़ाती है ये खिड़कियाँ। अब मेरे आशियाने की शोभा बढ़ाती है ये खिड़कियाँ।
अपने चेहरे पे झूठी मुस्कान लिए फिरते हैं। अपने चेहरे पे झूठी मुस्कान लिए फिरते हैं।